आज का दिन Current Affairs 2 January 2023
Croatia adopts EU’s common currency-euro Eurozone Croatia adopts EU’s common currency-euro and joins Schengen Area 205th anniversary of the Battle of Koregaon Bhima celebrated Centre and IVBP sign pact for Lumpi-ProVac cattle vaccine Ajay Kumar Srivastava becomes new MD and…
आज का दिन Current Affairs 30 Dec 2022
‘Bijli Utsav’ organized by REC in Assam Tata Steel & TuTr Hyperloop sign MoA to develop Hyperloop technology Rajeev Badyal named to the National Space Council’s UAG 30 Dec 2022 marks the 51st death anniversary of Vikram Sarabhai IISc Bengaluru…
Online class
सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि बच्चे ऑनलाइन क्लास से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है लोग मानें या ना मानें मगर यही सत्य है!आनलाइन क्लास से सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं! वर्चुअल क्लास’ का ये सेटअप असल क्लास से…
Revolutionary vs Terrorist
They say “One man’s revolutionary is another man’s terrorist”And I haven’t come across a worse attempt at appropriating Terrorism than this statement. A revolutionary is against the establishment. He wages a fight against those in power. His targets are Government…
पूरे देश में एक पाठ्यक्रम, सफलता या विफलता
हाल ही के दिनों में पूरे देश में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को लागू करने की बात उठी है। इसे पढ़ते हुए यह विचार आता है कि क्या पूरे देश में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करना हमारे राज्य शिक्षा तंत्र की विफलता…
English Grammar: Adjectives
Adjectives or describing words are words that modify a noun or a pronoun by describing, identifying, or quantifying words. It normally indicates quality, size, shape, duration, feelings,contents, and more about a noun or pronoun. An adjective modifies a noun or…
बच्चों को सेक्स के बारे में कब बताना शुरू करें – 1
sexuality_notes_by_anupama – 8 बच्चों को सेक्स के बारे में कब बताना शुरू करें ? – भाग 1 ये प्रश्न एक माँ ने पूछा है, लेकिन इसका उत्तर अधिकतर पेरेंट्स पर अप्लाई करेगा | आपको अपने घर, अपनी परिस्थितियों, अपने पेरेंटिंग…
ज्ञानी कौन है ?
*ज्ञानी कौन?*विदुर नीति श्लोकों में बहुत अच्छी व्याख्या की गई है:-*आत्मज्ञानं समारम्भः तितिक्षा धर्मनित्यता।यमर्थान्नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥यस्य कृत्यं न जानन्ति मन्त्रं वा मन्त्रितं परे।कृतमेवास्य जानन्ति स वै पण्डित उच्यते॥यथाशक्ति चिकीर्षन्ति यथाशक्ति च कुर्वते। न किञ्चिदवमन्यन्ते नराः पण्डितबुद्धयः॥नाप्राप्यमभिवाञ्छन्ति नष्टं नेच्छन्ति…
पढ़ने की आदत कैसे डालें – 1
पढ़ने की आदत कैसे डालें – 1 आज थोड़ी सी अलग किस्म की पोस्ट | विचार आमंत्रित हैं | आज के 10 – 12 साल पहले जब मैं CAT, IELTS, SAT, Bank PO वगैरह के लिए इंग्लिश पढ़ाती थी, तो…
Class VII English: The Face on the Wall
Line By Line Explanation (Hindi): The Face on the Wall… A man stays in a house in Great Ormond Street, of London. The walls of the room were painted but were damp and patchy. The man found it strange that…
Class VI English: There will come soft rains
“There Will Come Soft Rains” –Ray Bradbury What is the organizational structure of the story? (In what format is it told-what order?) What effect does the structure of the test create on the story itself?This story follows a chronological structure….
शब्द भावों के
“शब्द” पर्याय नहीं होते “भावों” के… हां शब्द पर्याय नहीं होते भावों के, वेदना के बिषाद के, हर्ष के उन्माद के…!! शब्द रचते हैं भाषा, लिखते हैं, हंसीं को हंसी… आल्हाद को आल्हाद….!! शब्द नदी की तरह होते है, एक…
प्यार का जन्म (कहानी)
आज से तीन दिन पहले मैं औरंगाबाद आई थी। वहाँ मेरा एक साथी रहता है – श्रेय। मैं उसी से मिलने आई थी। मुझे मेरा साथी भी मिला और मेरा प्यार भी। मैं सिर्फ दो दिन के लिए आई थी। डेढ़ दिन मेरा श्रेय मेरे साथ रहा। 19 घंटे मैंने उसके साथ बिताए। 10 घंटे मैंने उसको याद करके बिताए। वे 29 घंटे मैंने उसके साथ जिये हैं। एक-एक पल को प्यार के एक-एक जन्म की तरह जिया है।
वाच्य (व्याकरण से आंशिक)
इस प्रकार वाच्य को हम कथन के कहने का ढंग मान सकते हैं। कथन को सीधे-सीधे कहना; फिर उसी कथन को थोड़ा घुमा कर कहना; और फिर उसी कथन को अन्य पुरुष के रूप में कहना।
निपात ( व्याकरण से आंशिक )
निपातों का प्रयोग कही गई बात पर बल देने के लिए किया जाता है। व्याकरण में कही गई बात पर बल देने को ‘बलाघात’ कहा जाता है। अतः निपातों का प्रयोग बलाघात के लिए किया जाता है। ‘बलाघात’ कुछ इस प्रकार होता है, कि एक निपात आते ही संज्ञा अथवा सर्वनाम उसी की ओर झुक जाता है तथा क्रिया से उसी अर्थ में जुड़ जाता है।
विस्मयादिबोधक अव्यय ( व्याकरण से आंशिक )
१. विस्मय बोधक ( आश्चर्य भाव ) — अरे! हें! क्या! हे भगवान! २. हर्ष बोधक ( प्रसन्नता भाव ) — अहा! वाह! क्या बात है! उत्तम! सुंदर! ३. शोक बोधक ( दु:ख भाव ) — ओह! हे राम! हे भगवान! ओहो! ४. खेद बोधक ( खेद भाव ) — ओहो! अरेरेरे! ५. क्रोध बोधक ( आवेश, रौद्र अथवा क्रोध भाव ) — क्या! इतनी हिम्मत! खबरदार! चुप! मुँह संभाल के! ५. घृणा बोधक ( घृणा अथवा कुंठा भाव ) — छि:! छी-छी! थू! थू-थू! धत! हट! हुँह! ६. भय बोधक ( भय अथवा जुगुप्सा भाव ) — बाप रे! बाप रे बाप! त्राहि! त्राहि माम्! भागो! ७. आशीर्वाद बोधक ( मंगल अथवा कल्याण भाव ) — शुभम्! कल्याणम्! मंगलम्! आरोग्यम्! खुश रहो! प्रसन्न रहो! सुखी रहो! जीते रहो! चिरंजीवी रहो! ८. चेतावनी बोधक ( सुरक्षा भाव ) — होशियार! खबरदार! सावधान! बच के! जागते रहो! रुको! ९. प्रशंसा बोधक ( उत्साह भाव ) — शाबाश! बहुत अच्छे! बहुत सुंदर! अति सुंदर! अति उत्तम! वाह! क्या बात है! क्या खूब! बहुत खूब! १०. प्रार्थना बोधक ( शांति भाव ) — ओ३म्! हरिओ३म्! शिव-शिव! अलख निरंजन! शांति!-शांति!
समुच्चयबोधक अव्यय (व्याकरण से आंशिक)
‘समुच्चय’ का शाब्दिक अर्थ है — जोड़ा। समुच्चयबोधक अव्यय जोड़ा बनाने वाले शब्दों को कहते हैं। समुच्चयबोधक भी सदा अपरिवर्तित रहते हैं। इन के स्वरूप पर लिंग, वचन, कारक, काल, देश आदि के परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
परिभाषा — जो अव्यय पद दो शब्दों, दो उपवाक्यों ( वाक्यांशों, पदबंधों आदि) तथा दो वाक्यों को परस्पर ( आपस में ) जोड़ते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं। ( टिप्पणी — उपवाक्यों को वाक्यांश तथा पदबंध भी कहा जाता है। )
उदाहरण — १. और — मधु और सुनंदा पक्की सहेलियाँ हैं। २. तथा — संतरा तथा नारंगी एक ही फल के दो नाम हैं। ३. परंतु — ईश्वर एक है परंतु उसके नाम अनेक हैं। ४. अथवा — साकार अथवा निराकार परमेश्वर हम सब के भीतर वास करता है।

















