
विस्मयादिबोधक अव्यय ( व्याकरण से आंशिक )
१. विस्मय बोधक ( आश्चर्य भाव ) -- अरे! हें! क्या! हे भगवान!

समुच्चयबोधक अव्यय (व्याकरण से आंशिक)
'समुच्चय' का शाब्दिक अर्थ है -- जोड़ा। समुच्चयबोधक अव्यय जोड़ा बनाने वाले शब्दों को

संबंधबोधक अव्यय (व्याकरण से आंशिक)
यह स्मरण रहना चाहिए कि प्रत्येक संबंधबोधक अव्यय से पूर्व उपयुक्त परसर्ग अवश्य लगाया

क्रिया विशेषण (व्याकरण से आंशिक)
परिभाषा :- वे शब्द, जो क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण

तारीफ़ तुम्हारी (कविता – साॅनेट )
दुआ यही हम करते हैं,
तारीफ़ तुम्हारा साया हो।
हर मौके-दर-मौके पर,
तारीफ़ ने

व्याकरण से आंशिक ( क्रिया )
व्याकरण के नियमों के अनुसार वाक्य में जिन पदों ( शब्दों ) से कार्य

विशेषण ( व्याकरण से आंशिक )
संज्ञा तथा ( अथवा ) सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को 'विशेषण' कहते

संज्ञा ( व्याकरण से आंशिक )
तो इस प्रकार संज्ञा 'नाम' है; 'पहचान' है; 'परिचय' है । किसी भी व्यक्ति,

Watch “#हिंदी प्रार्थना# वह शक्ति हमें दो दया निधे कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें।” on YouTube
यह प्रार्थना मुझे अत्यंत प्रिय है। मेरे स्कूल में प्रतिदिन हुआ करती थी। ….

समास (व्याकरण से आंशिक)
समास -- का शाब्दिक अर्थ है -- छोटा करना या संक्षिप्त करना। एक बड़े

रक्षक पर भक्षक को वारे : न्याय सिद्धि का दानी ( बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष )
हंस को थोड़ी राहत मिली। उसने आँखें खोल दीं। उतनी देर में वहाँ देवदत्त

स्वर संधि (व्याकरण से आंशिक)
४. वृद्धि संधि :- विपरीत स्वरों में से एक अथवा दोनों के दीर्घ रूप

उपसर्ग व प्रत्यय (व्याकरण से आंशिक)
उपसर्ग व प्रत्यय दोनों के संबंध में एक और बिंदु महत्त्वपूर्ण है। वह यह

