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तारीफ़ तुम्हारी (कविता – साॅनेट )

दुआ यही हम करते हैं, तारीफ़ तुम्हारा साया हो। हर मौके-दर-मौके पर, तारीफ़ ने

व्याकरण से आंशिक ( क्रिया )

व्याकरण के नियमों के अनुसार वाक्य में जिन पदों ( शब्दों ) से कार्य

विशेषण ( व्याकरण से आंशिक )

संज्ञा तथा ( अथवा ) सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को 'विशेषण' कहते

सर्वनाम ( व्याकरण से आंशिक )

सर्वनाम के भेद : सर्वनाम के भेद कुछ इस प्रकार गिनाए जाते हैं

एकाकी तृप्ति ( कहानी )

एक मास, दो मास.... ; मास-प्रति-मास व्यतीत होने लगे ; इस आशा में

संज्ञा ( व्याकरण से आंशिक )

तो इस प्रकार संज्ञा 'नाम' है; 'पहचान' है; 'परिचय' है । किसी भी व्यक्ति,

Watch “#हिंदी प्रार्थना# वह शक्ति हमें दो दया निधे कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें।” on YouTube

यह प्रार्थना मुझे अत्यंत प्रिय है। मेरे स्कूल में प्रतिदिन हुआ करती थी। ….

समास (व्याकरण से आंशिक)

समास -- का शाब्दिक अर्थ है -- छोटा करना या संक्षिप्त करना। एक बड़े

विसर्ग संधि (व्याकरण से आंशिक)

विसर्ग का 'ओ' बन जाना -- यदि विसर्ग 'अ' के साथ हो, तथा '+'

व्यंजन संधि (व्याकरण से आंशिक)

३. 'त' संबंधी नियम - क. यदि '+' चिह्न के पहले 'त् ' हो

रक्षक पर भक्षक को वारे : न्याय सिद्धि का दानी ( बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष )

हंस को थोड़ी राहत मिली। उसने आँखें खोल दीं। उतनी देर में वहाँ देवदत्त

स्वर संधि (व्याकरण से आंशिक)

४. वृद्धि संधि :- विपरीत स्वरों में से एक अथवा दोनों के दीर्घ रूप

उपसर्ग व प्रत्यय (व्याकरण से आंशिक)

उपसर्ग व प्रत्यय दोनों के संबंध में एक और बिंदु महत्त्वपूर्ण है। वह यह

Covid revaccination ?

(image copyrights unknown) Some Covid-19 variants are specific to regions of India: B.1.36 (Bengaluru)B.1.36

सच का आइना (कहानी)

देखते ही देखते समय गुज़रा और मैं लड़कपन ( किशोरावस्था ) की दहलीज़ पर

अभिवादन ! ( संक्षिप्त निबंध )

वास्तव में अभिवादन अन्य के प्रति हमारे प्रेम तथा विनम्रता की अभिव्यक्ति होती है।

पानी-पानी रे (कविता)

पानी-पानी रे..... ! पानी-पानी रे........! बारिश में पानी भर जाए, गड्ढे उछलें ऐसे.., ‌

तत्सम् एवं तद्भव (व्याकरण से आंशिक)

अब ऐसे ही जब तद्भव शब्द बनते हैं, तो उनका रूप बिगड़ता है -