व्यंजन संधि (व्याकरण से आंशिक)
३. ‘त’ संबंधी नियम – क. यदि ‘+’ चिह्न के पहले ‘त् ‘ हो तथा बाद में ‘च्’ या ‘छ’ तो ‘त’ – ‘च’ बन जाएगा। सत् + चरित्र = सच्चरित्र। इसी प्रकार, ‘त’ के बाद ‘+’ चिह्न के बाद ‘ज’ या ‘झ’ हों तो ‘त’ का ‘ज’ बन जाएगा। ‘+’ चिह्न के बाद ‘ठ’ या ‘ड’ हों तो ‘त’ ‘ड्’ में बदल जाएगा। ‘+’ चिह्न के पश्चात ‘ल’ होने पर ‘त’ का ‘ल’ हो जाता है। सत् + जन = सज्जन। उत् + डयन = उड्डयन। उत् + लास = उल्लास।
रक्षक पर भक्षक को वारे : न्याय सिद्धि का दानी ( बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष )
हंस को थोड़ी राहत मिली। उसने आँखें खोल दीं। उतनी देर में वहाँ देवदत्त आ पहुंचे। वे सिद्धार्थ के बड़े भाई थे ; स्वभाव से क्रोधी तथा आखेट के परम लोलुप। आते ही उन्होंने क्रोध में भर कर सिद्धार्थ को आदेश दिया, “यह हंस हमारा आखेट है। इस पर हमारा अधिकार है। इसे तुरंत हमें सौंप दो।” बड़े भ्राता का आदेश टालना परंपरा के विरुद्ध था ; फिर भी साहस कर सिद्धार्थ ने उनसे कहा, “यह आपका आखेट तब था, जब आपने इसे घायल किया था। परंतु इसके प्राणों की रक्षा करने के बाद अब यह हमारा है। हम इसका उपचार करेंगे। स्वस्थ होने के बाद यह स्वतंत्र होगा।” परंतु देवदत्त नहीं माने। वे केवल क्रोधी ही नहीं, हठी भी थे। वे अपने आखेट को छोड़ने के लिए किसी भी दशा में प्रस्तुत न थे। दोनों भ्राताओं के मध्य विवाद बढ़ता गया। अंत में बड़े भाई ने न्यायालय से न्याय माँगने का निश्चय कर लिया।
स्वर संधि (व्याकरण से आंशिक)
४. वृद्धि संधि :- विपरीत स्वरों में से एक अथवा दोनों के दीर्घ रूप में मेल होने पर होने वाले परिवर्तन। जैसे — अ/आ + ए/ऐ = ऐ। एक + एक = एकैक। सदा + एव = सदैव। अ/ आ + ओ/औ = औ। परम + ओज = परमौज। महा + औदार्य = महौदार्य।
उपसर्ग व प्रत्यय (व्याकरण से आंशिक)
उपसर्ग व प्रत्यय दोनों के संबंध में एक और बिंदु महत्त्वपूर्ण है। वह यह कि शब्दांश व मूल शब्द दोनों एक ही समूह के हों; भिन्न-भिन्न नहीं। तत्सम् शब्दांश+तत्सम् मूल शब्द+तत्सम् शब्दांश। तद्भव शब्दांश+ तद्भव मूल शब्द+तद्भव शब्दांश। विदेशी भाषाएँ — समान भाषा शब्दांश तथा समान भाषा मूल शब्द।
SSC GD Constable Syllabus 2021
एसएससी जीडी कांस्टेबल सिलेबस 2021 कर्मचारी चयन आयोग ने कांस्टेबल जीडी भर्ती की अधिसूचना 21 मार्च 2021 को ऑनलाइन जारी की है। जीडी कांस्टेबल के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को मैट्रिक/10वीं कक्षा की परीक्षा पास करनी होगी ।…
Covid revaccination ?
(image copyrights unknown) Some Covid-19 variants are specific to regions of India: B.1.36 (Bengaluru)B.1.36 N440K (southern states)B.1.1.7 (Punjab)B.1.617 E484Q + L452R (Maharashtra). Many of these mutations are also capable of immune escape, and may not make vaccinations successful. Chinese vaccines…
सच का आइना (कहानी)
देखते ही देखते समय गुज़रा और मैं लड़कपन ( किशोरावस्था ) की दहलीज़ पर पहुँच गई। आइना भाने लगा। ममता की दूरी मार के स्थान पर तानों में बदलने लगी। माँ निरंतर मुझे नालायक, असफल, अयोग्य व साधारण होने का एहसास दिलाती रहतीं। मेरी तुलना मोहल्ले की दूसरी लड़कियों से करती रहतीं तथा उन्हें मुझसे अधिक योग्य व चतुर ठहरातीं। धीरे-धीरे उनकी टिप्पणियों ने मेरे हृदय में घर कर लिया।
Teaching skills for a PhD holder
A PhD holder knows something that is unknown to whole world. If the PhD holder can’t explain and communicate that knowledge properly to next generation (written or verbally) then, most probably the knowledge might die and disappear with time. Writing…
अभिवादन ! ( संक्षिप्त निबंध )
वास्तव में अभिवादन अन्य के प्रति हमारे प्रेम तथा विनम्रता की अभिव्यक्ति होती है। अभिवादन करते ही दोनों पक्षों के मन के कलुष कुछ सीमा तक कम हो जाते हैं। धैर्य पूर्वक किया गया अभिवादन अन्य के हृदय में हमारे प्रति यथायोग्य प्रेम व आदर-सम्मान को बढ़ा देता है।
पानी-पानी रे (कविता)
पानी-पानी रे….. !
पानी-पानी रे……..!
बारिश में पानी भर जाए,
गड्ढे उछलें ऐसे..,
घर में कीचड़-कीचड़ आए,
मम्मी पोंछे; हम पर बरसे!
छाता लो; बरसाती ओढ़ो;
तब तो बाहर जाओ!
बिन माँगे सरदी-ज़ुकाम,
उपहार मुफ़्त में पाओ।
तत्सम् एवं तद्भव (व्याकरण से आंशिक)
अब ऐसे ही जब तद्भव शब्द बनते हैं, तो उनका रूप बिगड़ता है – कभी थोड़ा तो कभी अधिक। *अग्नि* से *आग* बनते हुए; *दुग्ध* से *दूध* बनते हुए थोड़ा परिवर्तन होता है, परंतु *धर्म* से *धाम* ; *कर्म* से *काम*; *भ्राता* से *भाई* आदि बनने में अधिक परिवर्तन हो जाता है। परंतु किसी भी दशा में तद्भव की रूप-रचना तत्सम् से एकदम भिन्न नहीं हो सकती। उदाहरणार्थ – *जल* का तद्भव *पानी* ; *पवन* का तद्भव *हवा* ; *अश्व* का तद्भव *घोड़ा* तो कभी नहीं हो सकता।
BHU Entrance Exam 2021: Syllabus and Pattern
BHU conducts UET, PET and RET to offer admission into various Undergraduate, Postgraduate and Research Programs. Candidates who qualify the entrance test successfully will get admission into the University and its affiliated Institutions. For Admission into MBA Programme, the admission…
Engineering admissions without Math and Physics ?
I believe, two reasons among all could be behind the decision of removing Math and Physics as essential requirements for admission to engineering courses. Engineering as a science course need to evolve for certain reasons and not restrict only around…
आओ स्कूल चलें
Quality Education has the capability to provide wings to everyone. It teaches us to dream and then to work on it towards reality. Here I deliberately point for significant ‘quality’ part in education. Obviously, education matters, not the degrees. We…
Is hell exothermic or endothermic?
Dr Robert Shambaugh of the University of Oklahoma school of chemical engineering asked a question: Is hell exothermic or endothermic? Support your answer with proof.” It purports to be a final exam question from May 1997. Most of the students…












