Monthly Archive:: February 2021

शब्द विचार (व्याकरण से आंशिक)
मूल शब्द से एक नया शब्द निर्मित होने की प्रक्रिया केवल एक प्रकार की

*घुमंतू* ( हास्य-व्यंग्य कविता )
हिंदी साहित्य के अग्रणी कवि आदरणीय 'श्री अरुण कमल जी' द्वारा रचित कविता

अपने वर्णों को जानें ( हिंदी वर्णमाला ) व्याकरण से आंशिक
६. जहाँ तक क़ , ख़ , ग़ , ज़ , फ़ व्यंजनों का

अपने वर्णों को जानें (अक्षरों की रीति) व्याकरण से आंशिक
स्वरों तथा व्यंजनों के मेल से अक्षर विविध रूपों में बनते हैं - १.

अपने वर्णों को जानें। ( व्याकरण से आंशिक)
हम पढ़ते हैं, वर्ण वह सबसे छोटी इकाई है; वह सबसे छोटा अंश है,

मुझे क्यों याद आते हो? ( कविता )
उसी आवाज़ ने हमको, आशाएँ दे डालीं हैं।
प्रगति की किरण दिखाई है,
उन्नति मार्ग